धूमिल अक्षर : एक संवेदनशील प्रेम कविता
तुम्हीं कहती थीं
सागर सा गहरा
आकाश सा विस्तृत
भूमि सा पवित्र
है हमारा रिश्ता,
फिर क्यों करे
हम कल की चिन्ता
ज्ञान,विज्ञान,साहित्य,समाचारों की ई-पत्रिका
तुम्हीं कहती थीं
सागर सा गहरा
आकाश सा विस्तृत
भूमि सा पवित्र
है हमारा रिश्ता,
फिर क्यों करे
हम कल की चिन्ता
कई विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह संज्ञान में आया कि भोजनमाताओं द्वारा जूते – चप्पल पहन कर छात्र-छात्राओं को भोजन वितरण किया जा रहा है। साथ ही कतिपय विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के द्वारा भी बच्चों के भोजन ग्रहण करने वाले स्थान पर जूते पहन कर ही विचरण किया जा रहा है।
नेट एवं स्लेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने बताया कि एपीआई (Academic Performance Index) पर आधारित मेरिट बनाए जाने से उत्तराखण्ड के अधिकांश युवा भर्ती के पहले चरण में ही बाहर हो जाएंगे। इस प्रक्रिया में पी एच डी डिग्री को 25 अंकों का भारी वेटेज दिया गया है, जिससे अन्य अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हो रहे हैं।