उत्तराखंड के शिक्षकों के लिए खुला यह अवसर, बन सकेंगे इनोवेशन चैंपियन,नवाचार व खोज आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा – IISER Pune के द्वारा STEM Education के लिए की गई पहल..

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, उत्तराखंड (SCERT, UK) एवं भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे (IISER Pune) द्वारा STEM के तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से राज्य के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को iRISE (Inspiring India In Research Innovation In STEM Education) कार्यक्रम अन्तर्गत 03 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।

यह प्रशिक्षण राज्य के सभी जिले के शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा । iRISE कार्यक्रम के चार strands हैं और उनमें से एक Teacher Development Strand (TDS) के अन्तर्गत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है । इस परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग – भारत सरकार, रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, ब्रिटिश काउंसिल, और टाटा टेक्नोलॉजीज द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।

शिक्षकों के लिए विशेष अवसर

iRISE कार्यक्रम के विभिन्न चरण हैं जिसमें प्रथम चरण में राज्य के कुछ शिक्षकों को 3 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा । तत्पश्चात प्रथम चरण में प्रशिक्षित शिक्षकों में से कुछ शिक्षकों का चयन उनके कक्षा में की गयी गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा जो दूसरे चरण के तहत 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे में प्राप्त करेंगे । 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को Innovation Champion (IC) के नाम से जाना जाएगा एवं उसके बाद तीसरा चरण शुरू होगा जिसमे सभी Innovation Champions (ICs) IISER Pune की मदद से अपने संबन्धित जिले में कैसकेड कार्यशाला का आयोजन करेंगे । इस कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों को एक किट भी उपलब्ध कराया जाएगा जो विद्यालय में गतिविधि कराने हेतु शिक्षकों के लिए काफी मददगार साबित होगा।

दून विश्वविद्यालय में हो रहा है प्रशिक्षण

कार्यक्रम के प्रथम चरण में दून विश्वविद्यालय, देहरादून में देहरादून तथा हरिद्वार जिलो के 75 शिक्षकों का प्रशिक्षण दिनांक १० से १२ मई की अवधि में संचालित किया जा रहा है । इसका उदघाटन सुरेखा डंगवाल, कुलपति दून विश्वविद्यालय द्वारा किया गया| इस अवसर पर प्रोफ़ेसर डंगवाल ने कहा की वर्त्तमान समय में वैश्विक शिक्षा से जुडी चुनौतियों का सामना करने के लिए बच्चो को तैयार करना होगा| अब शिक्षक की भूमिका में बदलाव आ गया है, उन्हें बच्चों की रचनात्मक क्षमताओं को पहचानते हुवे उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा| SCERT उत्तराखंड की संयुक्त निदेशक आशारानी पैन्यूली ने कहा की वर्त्तमान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में संवेदनाओको बचाना जरुरी है| उन्होंने कहा शिक्षकोंको बच्चो का रोल मॉडल होना होगा।

15 से 17 मई तक टिहरी में भी होगा यह प्रशिक्षण

जिला टिहरी तथा उत्तरकाशी के शिक्षकों के लिए यह कार्यक्रम १५ से १७ मई तक DIET टिहरी में किया जायेगा| रूद्रप्रयाग, पौड़ी तथा चमोली के शिक्षकों के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन १९ से २१ मई तक DIET पौड़ी में किया जायेगा| जुलाई से यह कार्यक्रम कुमाऊं मंडल के शिक्षकों के लिए चलाया जायेगा | इस कार्यक्रम में कुल ५०० शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा| इनमे से १५० शिक्षकों का चयन IISER पुणे द्वारा १० दिवसीय प्रशिक्षण के लिए किया जायेगा | यह प्रशिक्षण IISER पुणे में चलाया जायेगा| प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों के द्वारा विकासखंड स्तर पर विज्ञान और गणित के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा।

उत्तराखंड बना इस कार्यक्रम को लागू करने वाला तीसरा राज्य

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ाना है । इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों का इंस्पायर अवार्ड्स – मानक में भी ज्यादा से ज्यादा Nomination कराना है जो कि देश के बच्चों को नवाचार में बढ़ावा देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की एक योजना है । प्रशिक्षण में रटने की जगह समझने की प्रवृति को प्राथमिकता दी गई है । बच्चों को आस -पास के परिवेश से जोड़कर दैनिक जीवन की घटनाओं का उदाहरण देकर विज्ञान और गणित की शिक्षा देने की बात कही गई है । पूछताछ और गतिविधि- आधारित तथा विज्ञान एवं गणित को अन्तर्विषयक (Interdisciplinary) बना कर बच्चों तक पहुँचाया जा इसकी चर्चा की गई है । महाराष्ट्र और बिहार के बाद उत्तराखंड तीसरा राज्य है जहां इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है ।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर शुभारंभ के अवसर पर INSPIRE Award उत्तराखंड के राज्य समन्वयक डॉ. अवनीश उनियाल, SCERT उत्तराखंड की उप निदेशक किरन बहुखंडी, डॉ. उमेश चमोला मौजूद रहे| दून विश्वविद्यालय से डॉ अरुण कुमार, डॉ चारु द्विवेदी, डॉ प्रीती मिश्रा, डॉ राजेश भट, डॉ विपिन कुमार, डॉ अनुज कुमार और सूरज जी उपस्थित रहे| इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए IISER पुणे से प्रोफ़ेसर हरिनाथ चक्रपाणी, श्रद्धा भुरकुंडे, मोहम्मद तकी, जहिदा शेख, हर्षा कुलकर्णी और संकेत राउत द्वारा विज्ञान तथा गणित के अलग अलग सत्रों को चलाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन श्रद्धा भुरकुंडे द्वारा किया गया।

1 thought on “उत्तराखंड के शिक्षकों के लिए खुला यह अवसर, बन सकेंगे इनोवेशन चैंपियन,नवाचार व खोज आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा – IISER Pune के द्वारा STEM Education के लिए की गई पहल..”

  1. विज्ञान शिक्षण को रुचिकर एवं बेहतर बनाने हेतु एक सकारात्मक पहल l

    Teaching of Science is effective when it is practical and activity based. Contemporary advances in science needs to be incorporated in the curriculum. AI, coding and other skill based modules need to be made part of classroom activities.

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