उत्तराखंड की भाषाओं के पक्ष में बोले साहित्यकार, धाद के मातृभाषा एकांश का विशेष आयोजन

उत्तराखंड की भाषाओं के पक्ष में मातृभाषा एकांश धाद द्वारा 17 से 21फरवरी तक विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2025 के अवसर पर धाद संस्था देहरादून के फेसबुक लाइव पेज पर ऑनलाइन संवाद का आयोजन किया गया।   कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नन्द किशोर ढौंडियाल और डॉ. उमेश … Read more

डा. नंद किशोर ढौंडियाल को मिलेगा,चिट्ठी सम्मान 2023: साहित्य जगत में हर्ष की लहर

उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड से हिंदी के प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त डॉक्टर अरुण की साहित्यिक यात्रा उनकी किशोरावस्था से अब तक अनवरत जारी है।कविता, नाटक, जीवनी,निबंध जैसी लगभग सभी साहित्यिक विधाओं पर उनकी सौ से भी अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। सात वृहद खंडों में प्रकाशित गढ़वाल की दिवंगत विभूतियां

श्रीदेव सुमन पुण्यतिथि पर विशेष: नरेश रावत की कविता…

                              “श्री देव सुमन”25 मई 1916 को,चम्बा के जौल गांव में जन्माहरीराम बडोनी और तारा देवी का सुपुत्रचार भाई – बहनों में सबसे छोटानाम श्री दत्त था कहलाया। (पिता के बारे में….)पिता थे एक वैद्य…ख्याति थी दूर-दूर तकफैला था.. हैजा का प्रकोप जबलोगों की सेवा में किया खुद को तत्पर थाना चिंता की खुद की…वैद्य … Read more

गढ़वाल की दिवंगत विभूतियाँ । सर्जन हरिकृष्ण वैष्णव

डॉ0 हरिकृष्ण या हरि वैष्णव का जन्म सन् 1918 में चमोली के नन्दप्रयाग निवासी श्री गोपाल प्रसाद वैष्णव तथा श्रीमती दीपा देवी वैष्णव के घर हुआ। शैशव अवस्था में ही गुरु गम्भीर्य से आत्मसात् करने वाले नन्दाकिनी और अलकनन्दा के इस भूमि पुत्र ने जब बाल्यकाल में प्रवेश किया तो माता-पिता को इस विलक्षण बालक की अद्भुत मेधा शक्ति ने अपनी ओर आकर्षित कर लिया