देहरादून,17 जनवरी 2026.
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), देहरादून में ‘परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024’ की रिपोर्ट के प्रचार-प्रसार एवं आगामी कार्ययोजना के निर्धारण हेतु जनपद स्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के दौरान परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया गया। विश्लेषण के उपरांत जिन दक्षताओं में अधिगम अंतर (Learning Gaps) की पहचान हुई, उनके समाधान हेतु आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस कार्यशाला में जनपद देहरादून के खंड शिक्षा अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी,डायट संकाय सदस्यों, बीआरपी, सीआरपी, प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकगणों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला का शुभारंभ डायट प्राचार्य हेमलता गौड़ द्वारा किया गया। इसके पश्चात खंड शिक्षा अधिकारी कालसी भुवनेश्वर प्रसाद जदली ने परख सर्वेक्षण के परिणामों एवं आगामी कार्ययोजना के संदर्भ में अपने विचार साझा किए। इसके क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी विकासनगर विनीता कठैत, खंड शिक्षा अधिकारी डोईवाला धनवीर बिष्ट तथा उप शिक्षा अधिकारी चकराता शिवानी कौशल द्वारा भी अपने विचार प्रस्तुत किए गए।
कार्यशाला का संचालन डायट प्रवक्ता शिशुपाल सिंह बिष्ट द्वारा किया गया, जिनके द्वारा परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 की रिपोर्ट का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। डायट प्रवक्ता मृणाल सनवाल द्वारा फरवरी-मार्च में आयोजित होने वाले एफएलएस (FLS) सर्वेक्षण से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
एससीईआरटी उत्तराखंड स्थित राज्य आकलन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. दीपक प्रताप जी द्वारा संपूर्ण कार्यशाला का अनुश्रवण किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के प्रमुख बिंदुओं से अवगत कराया तथा एनसीईआरटी द्वारा प्रेषित डिसेमिनेशन प्रपत्र को भरने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यशाला के समापन सत्र में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), देहरादून प्रेम लाल भारती जी द्वारा परख सर्वेक्षण एवं निपुण भारत मिशन की दक्षताओं पर चर्चा की गई।
कार्यशाला का समापन डायट प्राचार्य हेमलता गौड़ द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया गया।