किशोर संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति: ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण

देहरादून में 25 अप्रैल को एक भव्य कार्यक्रम में सत्रह वर्षीय कवयित्री सिद्धि भण्डारी के प्रथम कविता संग्रह ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक पुस्तक के विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समकालीन साहित्य, किशोर लेखन और रचनात्मकता की दिशा पर गंभीर … Read more

धराली की पीड़ा पर श्रुति की मार्मिक कविता

    धराली की पीड़ा पर…मेरे शब्द जैसे मौन से हो गए हैं।धराली की धड़कनों के साथ,वो भी कहीं खो गए हैं ।लोगों की चीखें, रुदन की आवाजें,दिल दहला देने वाले वो मंज़रआंखों के सामने हैं।जिनकी तलाश है, वो कहीं भी दिख नहीं रहे हैं।रो रही है हर वो आंख ,जो थाल सजा कर बैठी थी।सूनी … Read more

सोचने पर मजबूर कर देगी विरेंद्र नौडियाल की ये कविता… हम गोल गोल घूमे

हम गोल गोल घूमे, गूगल हो गए…लहलहाती फसलें हमारी नस्लेंमाटी की महक पंक्षियों की चहकबरगद की छांव वो चौपाल चबूतरेहम गोल गोल घूमे, गूगल हो गए…साग-सब्जी का स्वाद, गोबर की खादधारों स्रोतों का पानी, अल्हड़ जवानीखेतों की मेहनत वो रोटी की जुगतहम गोल गोल घूमे, गूगल हो गए…हुलेरों का टोला रीति रिवाजों का मेलाहक्कारों की … Read more

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