गणित विषय के राज्य संदर्भ समूह की कार्यशाला का हुआ समापन

देहरादून, 19 मार्च।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड द्वारा आयोजित State Resource Group Mathematics Training Workshop दिनांक 16 मार्च से 19 मार्च 2026 तक देहरादून स्थित SCERT के कॉन्फ्रेंस हॉल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

चार दिवसीय इस कार्यशाला में राज्य भर से आए गणित विषय के शिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप नवीन शिक्षण पद्धतियों, अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) तथा 21वीं सदी के कौशलों से सुसज्जित करना था।

कार्यशाला का शुभारंभ 16 मार्च को हुआ। उद्घाटन सत्र में श्रीमती वंदना गर्व्याल (निदेशक, ART), श्री पदमेंद्र सकलानी (अपर निदेशक, SCERT) तथा डॉ. के.एन. बिजल्वाण (सहायक निदेशक, SCERT) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में डॉ. मनोज कुमार शुक्ला (प्रवक्ता, SCERT) द्वारा “NEP 2020 के अंतर्गत अनुभवात्मक अधिगम” विषय पर व्याख्यान दिया गया। इसके पश्चात डॉ. अंजुलि सुहाने (एसोसिएट प्रोफेसर, IGNOU, नई दिल्ली) ने “गणित के अनुशासन की समझ” एवं “गणित शिक्षण में ICT का उपयोग” विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

srg mathematics workshop at scert uttarakhand

द्वितीय दिवस (17 मार्च) को डॉ. अश्वनी गर्ग (एसोसिएट प्रोफेसर, RIE भोपाल) द्वारा “गणित शिक्षण की विभिन्न पद्धतियाँ” विषय पर विस्तृत सत्र लिया गया। साथ ही श्री चंदन सिंह घुगत्याल (गणित संकाय, दून स्कूल, देहरादून) ने “नवाचार आधारित मूल्यांकन” तथा “उत्पादक असफलता (Productive Failure) तकनीक” पर उपयोगी जानकारी दी।

तृतीय दिवस (18 मार्च) को पुनः डॉ. अश्वनी गर्ग द्वारा “खेल एवं गतिविधि आधारित गणित अधिगम” विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न जनपदों द्वारा DRG (District Resource Group) गणित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा समूह चर्चा के माध्यम से शिक्षण संबंधी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

चतुर्थ दिवस (19 मार्च) को “Review and Reflection” सत्र के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। इस दिन श्री सुनील बजाज (अपर निदेशक, SCERT हरियाणा) द्वारा “21वीं सदी के कौशलों को समाहित करते हुए गणित कक्षा में हस्तक्षेप” विषय पर महत्वपूर्ण सत्र लिया गया।

समापन सत्र में प्रतिभागियों द्वारा समूह कार्य के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना (Action Plan) प्रस्तुत की गई तथा DRG गणित रिपोर्ट का संकलन किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

कार्यशाला में विभिन्न जनपदों से आए डायट संकाय सदस्यों,विशेषज्ञों, शिक्षकों और राज्य संदर्भ समूह के मनोनीत सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

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